Monday, April 24, 2017

सुकमा: नक्सली हमले में CRPF के 25 जवान शहीद, PM बोले-बेकार नहीं जाएगी शहादत

नई दिल्ली, एएनआई। छत्तीसगढ़ के सुकमा में चिंतागुफा के पास बुर्कापाल में नक्सलियों की तरफ से घात लगाकर किए गए हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए हैं। इस हमले में अर्धसैनिक बलों के सात जवान घायल हैं जिनमें से चार की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

इस घटना की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने सुकमा हमले पर कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।

उधर, सुकमा में नक्सली हमले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। गृहमंत्री ने कहा कि इस विषय पर उन्होंने गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर से बात की। उन्होंने कहा कि हमारी श्रद्धांजलि इस हमले में शहीद हुए जवानों को है जबकि उनके परिवारों को लिए संवेदना व्यक्त करता हूं। गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस घटना को लेकर गृह राज्यमंत्री हंसराज अहील से बात की है। वे स्थिति की जायजा लेने के लिए छत्तीसगढ़ जा रहे हैं।



यह घटना सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। नक्सली हमले में घायल सीआरपीएफ कांस्टेबल शेर मोहम्मद ने कहा कि नक्सलियों की तादाद करीब 300 के आसपास थी जबकि हमारी संख्या 150 थी। मैने तीन चार नक्सलियों की छाती में गोली मारी।

नक्सली हमले में घायल सीआरपीएफ कमांडर शेर मोहम्मद



शेर मोहम्मद ने आगे बताया कि सबसे पहले नक्सलियों ने गांववालों को हमारे पास भेजा ताकि हमारी लोकेशन का वो पता लगा सके। उसके बाद तीन की तादाद में नक्सलियों ने आकर अचानक धावा बोल दिया।


ख़बरों के मुताबिक, सीआरपीएफ के 74वीं बटालियन के इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह भी इस मुठभेड़ में बुरी तरह से घायल हो चुके हैं। घायल जवानों के घटनास्थल से हैलीकॉप्टर के जरिए जगदलपुर और रायपुर लाया गया है। जबकि, दूसरी तरफ मौका ए वारदात पर सीआरपीएफ की कोबरा टीम भेजकर वहां पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

घटना में बुरी तरह से घायल जवानों के नाम
1- एएसआई आपी हेम्ब्राम
2- हेड कांस्टेबल राम मेह
3- सीटी स्वरूप कुमार
4- सीटी मोहिंदर सिंह
5- सीटी जितेन्द्र कुमार
6- सीटी शेर मोहम्मद
7- सीटी लातू ओरांव

जानकारी के मुताबिक सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन रोड ओपनिंग के लिए निकली थी। एएसपी जितेंद्र शुक्ला ने इसकी पुष्टि कर दी है। इसी इलाके में अगस्त 2010 में 76 जवान शहीद हुए थे। इस घटना के बाद सीएम रमन सिंह ने अपना दिल्ली दौरा रद्द कर रायपुर जा रहे हैं। उन्होंने इस घटना के बाद आपात बैठक बुलाई है।



उधर, इस घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी भर्त्सना की। ममता ने कहा कि उनकी संवेदना इस हमले में मारे गए जवानों के परिजनों के साथ है।

Saturday, April 22, 2017

'प्रिय अरविन्द, चुनाव प्रचार के दौरान आपने वोटर को लालच, डर और धमकी दी है'

नई दिल्ली [जेएनएन]। नगर निगम चुनाव से एक दिन पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के पुराने साथी और स्वराज अभियान के सदस्य योगेंद्र यादव ने केजरीवाल को चिट्ठी लिखी है। योगेंद्र यादव ने अपनी चिट्टी में केजरीवाल को दिल्ली की गंदगी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यादव ने पत्र में लिखा कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के वादों का जिक्र करते हुए लिखा है कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से लालच, डर और धमकी देकर वोट हासिल करने की कोशिश की है।


अरविंद केजरीवाल को योगेंद्र यादव ने लिखा पत्र

प्रिय अरविन्द,

दो साल पहले दिल्ली ने जो ऐतिहासिक जनादेश दिया था, वो किसी एक नेता या पार्टी का करिश्मा नहीं था। उसके पीछे हज़ारों वोलन्टीयर का त्याग और उनकी तपस्या थी। लेकिन इस करिश्मे का सबसे बड़ा कारण था दिल्ली की जनता का आत्मबल। जनलोकपाल आंदोलन ने दिल्ली के लाखों नागरिकों को यह भरोसा दिलाया कि वो बेचारे नहीं हैं। वो नेताओं, पार्टियों और सरकारों से ज्यादा ताकतवर हैं। आज मैं उस आत्मबल को डगमगाते हुए देख रहा हूँ। इसलिए पिछले दो साल में पहली बार आपसे संवाद कर रहा हूँ और आपको रामलीला मैदान में किए रिकॉल के वादे की याद दिला रहा हूँ।


पिछले महीने में मुझे दिल्ली नगर निगम (MCD) के चुनाव के दौरान दिल्ली के कोने-कोने में जाने का मौका मिला। दिल्ली में चारों तरफ कूड़े के ढेर हैं, गन्दा पानी रुका हुआ है, बदबूदार और खतरनाक हवा है। हर कोई जानता है कि इसकी पहली जिम्मेवारी पिछले दस साल से MCD पर राज कर रही बीजेपी की है। लेकिन फिर भी बीजेपी बेशर्मी से इस चुनाव में खड़ी है, वोट मांग रही है। ऐसे बहुत वोटर हैं जिन्होंने 2015 में ऐतिहासिक बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन जो इस बार थक-हार के बीजेपी के पास वापिस जा रहे हैं। मैं पिछले महीने भर से सोच रहा हूँ कि इस निक्कमी और भ्रष्ट सरकार को चलाने वाली बीजेपी को MCD चुनाव में खड़े होने का मौका देने के लिए कौन जिम्मेवार है।

बहुत सोचने के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पंहुचा हूँ कि दिल्ली की इस दुर्घटना के लिए व्यक्तिगत रूप से आप जिम्मेवार हैं। आपने दिल्ली की जनता का विशवास तोड़ा है। विश्वास सिर्फ एक नेता या पार्टी से नहीं टूटा है। जनता का खुद अपने आप से विश्वास टूटा है -- आप से धोखा खाने के बाद उन्हें लगता है कि उन्हें अच्छे-बुरे की पहचान नहीं है। इसलिए टूटे मन से बहुत लोग उन्ही पुरानी पार्टियों के पास जा रहे हैं जिन्हे उन्होंने दो साल पहले ख़ारिज कर दिया था। लोकतंत्र में जनता की आशा जगाकर उसे तोड़ना बहुत बड़ा पाप है। जनता के आत्मबल को कमजोर करना सबसे बड़ा अपराध हैं। मैं यह कहने को मजबूर हूँ कि अपने अहंकार, आत्म-मोह और कुर्सी के लालच में आपने यह अपराध किया है। ये सिर्फ मैं नहीं कहता, दिल्ली के हर मोहल्ले और गली में हर कोई ये कहता है। इस चुनाव प्रचार के दौरान आपने वोटर को जिस तरह लालच, डर और धमकी दी है उसमे मुझे "विनाशकाले विपरीत बुद्धि" के लक्षण दिखाई देते हैं।

जाहिर है आप मुझसे सहमत नहीं होंगे। आपने बार-बार कहा है कि दिल्ली की जनता आपके साथ है। दिल्ली में कल होने वाले MCD के चुनाव को आपने अपनी व्यक्तिगत लोकप्रियता के रेफेरेंडम में बदल दिया है। आपकी पार्टी सिर्फ आपके नाम पर वोट मांग रही है। होर्डिंग में पार्टी का नाम तक नहीं है। आपकी पार्टी ने एक इंटरनल सर्वे भी जारी किया है कि आपकी पार्टी MCD चुनाव में 218 सीटें लेकर जीत रही है।

मेरा एक प्रस्ताव है। अगर आपको इस चुनाव में तीनों MCD में कुल मिलाकर बहुमत (यानि सिर्फ 137 सीटें) आ जाता है तो मैं यह मान लूँगा कि मेरी समझ गलत है और दिल्ली की जनता आपको धोखेबाज नहीं मानती। ऐसे में अगर केंद्र सरकार आपकी सरकार के खिलाफ कोई षड़यंत्र करती है तो हमारी पार्टी और मैं खुद आपका समर्थन करेंगे। लेकिन अगर दिल्ली में 70 में से 67 सीट जीतने के दो साल में ही आप इस रेफेरेंडम में हार जाते हैं तो नैतिकता की मांग है कि आप EVM जैसा कोई बहाना ना बनाएँ, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दें और आपकी सरकार दिल्ली में 'रिकॉल' के सिद्धांत के अनुसार दुबारा जनता से विश्वास मत हासिल करे।

आशा है आपको रामलीला मैदान में कही अपनी ही बातें याद होंगी और आप इस चुनौती को स्वीकार करेंगे।

आपका पुराना साथी,
योगेंद्र यादव

पुनश्च: यह चिठ्ठी चुनाव से पहले इसलिए जारी कर रहा हूँ ताकि आपको ऐसा न लगे कि चुनाव परिणाम देखकर मौके का फायदा उठाया है।