Wednesday, September 27, 2017

Exclusive: यूपी सरकार का बड़ा फैसला,राशन दुकानें होंगी बंद,सब्सिडी सीधे खाते में जाएगी



लखनऊ
प्रदेश सरकार आने वाले समय में धीरे-धीरे राशन की दुकानों को बंद कर अनाज का पैसा सीधे राशन कार्ड धारकों के खाते में भेजने की तैयारी कर रही है। सरकारी खाद्यान्न तथा मिट्टी के तेल की चोरी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना (डीबीटीएल) के तहत पहले चरण में मिट्टी के तेल की सब्सिडी सीधे खाते में भेजी जाएगी।


बागपत सहित कुछ जगह प्रयोग के तौर पर मिट्टी के तेल का पैसा सीधे कार्डधारकों के खाते में जल्द जल्द भेजा जाएगा। हर महीने 10 करोड़ लीटर खपत है केरोसिन की प्रदेश में करीब 80 हजार राशन की दुकानों से चार करोड़ कार्ड धारक केरोसिन लेते हैं। ये खाद्य रसद विभाग की अन्त्योदय योजना और पात्र गृहस्थी श्रेणी के हैं। प्रदेश में हर माह 10 करोड़ लीटर मिट्टी तेल की खपत है। हर राशन कार्ड पर हर महीने 2 से 25 लीटर तक केरोसिन दिया जाता है।


केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने लगभग 90 फीसदी राशन कार्ड धारकों को आधार कार्ड से लिंक करा दिया है। साथ ही आधार कार्ड से कार्ड धारकों के बैंक खाते पहले से ही लिंक हैं। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू होगा मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन योजना के तहत प्रदेश में 86 लाख अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। केन्द्र की मंशा है कि मिट्टी के तेल पर दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर दी जाए।


इसके तहत बीपीएल श्रेणी का कोई कार्ड धारक गैस कनेक्शन से वंचित रह जाता है तो उसे मिट्टी के तेल की सब्सिडी 'डीबीटीएल' योजना के तहत खाते में सीधे भेज दी जाएगी। मिट्टी के तेल की सब्सिडी सीधे खाते में भेजने का पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके बाद यही योजना राशन के अनाज पर भी लागू की जाएगी।

मिट्टी तेल की कीमत में हर माह 50 पैसे प्रति लीटर का इजाफा तेल कंपनियां मिट्टी का तेल लेने के प्रति कार्ड धारकों को हतोत्साहित करने के लिए उसकी कीमत में हर माह 50 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर रही हैं। मौजूदा समय में राशन की दुकानों में मिट्टी के तेल की कीमत 21.40 रुपये प्रति लीटर है।

Monday, September 25, 2017

SBI खाताधारकों के लिए खुशखबरी, घटी मिनिमम बैलेंस लिमिट



SBI खाताधारकों के लिए खुशखबरी, घटी मिनिमम बैलेंस लिमिट


सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस (एमएबी) लिमिट को कम कर दिया है। अब मेट्रो शहरों में सेविंग बैंक अकाउंट होल्डर के लिए 3,000 रुपए का मिनिमम एवरेज बैलेंस (मंथली) ही अनिवार्य होगा। इससे पहले यह लिमिट 5,000 रुपए थी।


यह नया नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा। बैंक ने बताया कि उसने फैसला किया है कि मेट्रो शहरों में मिनिमम एवरेज बैलेंस को घटाकर 3,000 रुपए कर दिया जाए। वहीं शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनिमम बैलेंस की शर्त क्रमश: 3,000 रुपए, 2,000 रुपए और 1,000 रुपए पर बरकरार रहेगी। यह जानकारी बैंक की वेबसाइट के जरिए सामने आई है।

चार्ज में भी हुआ संशोधन: बैंक ने अपने एक बयान में कहा है कि वहीं सेविंग अकाउंट में मिनिमम एवरेज बैलेंस न रखने की सूरत में लगने वाले चार्ज (शुल्क) को 20 से 50 फीसद तक कम किया गया है जो कि सभी वर्ग के लोगों और सभी श्रेणियों पर लागू होगा।


मिनिमम बैलेंस न रखने पर क्या था जुर्माना: सेमी अर्बन (अर्ध शहरी) और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनिमम एवरेज बैलेंस न मेंटेन करने पर 20 से 40 रुपए तक का शुल्क वसूला जाता था, जो कि अब 25 से 75 रुपए हो गया है। वहीं शहरी और मेट्रो शहरों में यह 30 से 50 रुपए था, जो कि मौजूदा समय में 50 से 100 रुपए है।


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Monday, September 18, 2017

30 सितंबर के बाद अमान्य हो जाएंगे इन बैंकों के चेक, देखिए कहीं इनमें आपका बैंक भी तो नहीं




30 सितंबर के बाद अमान्य हो जाएंगे इन बैंकों के चेक, देखिए कहीं इनमें आपका बैंक भी तो नहीं

नई दिल्ली (जेएनएन)। देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने पांच पूर्व सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक के ग्राहकों से नई चेक बुक के आवेदन के लिए कहा है। बैंक ने ग्राहकों को तुरंत प्रभाव से नई चेक बुक का आवेदन करने के लिए इसलिए कहा है कि क्योंकि 30 सितंबर, 2017 के बाद पुराने बैंक के चेक और IFS कोड वैध नहीं होंगे। इन्हें अमान्य करार दिया
जाएगा।

एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि नई चेक बुक के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या फिर शाखा में जाकर तुरंत आवेदन कर लें। जानकारी के लिए बता दें कि जिन सहयोगी बैंकों का एसबीआई में विलय किया गया है उनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रवणकोर और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं। स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में एसबीआइ का 90 फीसद हिस्सा था जबकि बीकानेर एंड जयपुर में 75.07 फीसद था। त्रवणकोर में एसबीआइ की हिस्सेदारी 79.09 फीसद है।

SBI ने पेश किया उन्नति क्रेडिट कार्ड



एसबीआई ने नये क्रेडिट कार्ड की पेशकश की है। बैंक ने इसका नाम उन्नति क्रेडिट कार्ड रखा है। पहले चार वर्षों के लिए यह सेवा पूरी of तरह मुफ्त रखी गई है। अन्य क्रेडिट कार्ड की तरह ही यहां भी उपयोग पर रिवार्ड प्वाइंट्स की सुविधा है। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, कार्ड से सौ रुपए की शॉपिंग करने पर एक रिवार्ड प्वाइंट मिलेगा। इन प्वाइंट्स को रीडिम करने के बदले गिफ्ट दिए जाएंगे।



साथ ही इसके एक वर्ष में 50 हजार रुपए या ज्यादा खर्च करने पर 500 रुपए केशबैक की सुविधा है। यह कार्ड एसबीआई के उन ग्राहकों के लिए होगा, जिन्होंने बैंक में 25 हजार या इससे ज्यादा की एफडी करवाई है। ग्राहक एसबीआई उन्नति कार्ड का इस्तेमाल दुनियाभर के 24 मिलियन आउटलेट में कर सकते हैं, इसमें 3,25,000 आउटलेट भारत में हैं।



यह भी पढ़ें: SBI खाते में मिनिमम बैलेंस रखने के नियमों में बैंक कर सकता है बदलाव

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Friday, September 15, 2017

बैंक से मिलेगा आपको कितना लोन, ऐसे होता है तय


नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली में रहने वाले आशुतोष वर्मा को हाल ही में नई कंपनी में नौकरी मिली थी। नई नौकरी में तीसरे महीने की सैलरी बैंक खाते में आते ही उन्होंने नई कार लेने की योजना बनाई और बैंक में लोन के लिए एप्लीकेशन भी डाल दी। लेकिन उन्हें उस वक्त हैरानी हुई जब बैंक ने उनकी एप्लीकेशन को खारिज कर दिया। जब आशुतोष ने यह जानने की कोशिश की कि आखिर बैंक ने उनकी एप्लीकेशन को क्यों खारिज किया तो उन्हें और भी हैरानी हुई। दरअसल आशुतोष के पास अधिक सेविंग और इन्वेस्टेंमेंट हिस्ट्री नहीं थी। हम अपनी इस रिपोर्ट के जरिए आपको बताने की कोशिश करेंगे कि कैसे आप अपनी सैलरी के आधार पर ही जान सकते हैं कि आपको कितना लोन मिलेगा।




बैंक कैसे तय करते हैं आपको मिलेगा कितना लोन, जानिए
आपको बता दें कि बैंक आपको लोन देने से पहले इन सब बातों की अच्छे से जांच पड़ताल करते हैं...


बैंक चैक करता है आपका बैंकिंग स्टेटमेंट: बैंक आपको उतनी ही रकम उधार देता है जितने में आप एक न्यूनतम ईएमआई चुकाने में सक्षम होते हैं। बैंक आपको लोन देने से पहले आपका इनकम स्टेटमेंट चैक करता है। बैंक या तो आपकी सैलरी स्लिप, टैक्स रिटर्न या फिर सैलरी अकाउंट वाला बैंक स्टेटमेंट जांच सकता है। बैंक आपकी कुल मासिक आय में सैलरी, इंटरेस्ट इनकम, रेंटल इनकम आदि जोड़कर भी देखता है, जो कि आपकी बैंक स्टेटमेंट में होती है।


आपका रहन सहन जांचता है बैंक: बैंक आपकी ओर से हर महीने की जाने वाली बचत की गणना करता है। यह बचत आपके इनकम लेवल और रहन-सहन पर निर्भर करती है। बैंक यहां पर थंब-रूल ऑफ 30 का इस्तेमाल करता है। मान लीजिए अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपए मासिक है तो बैंक इस नियम के हिसाब से मान लेता है कि आप इसमें से तीस फीसद (15 हजार रुपए) की बचत तो करते ही होंगे।


बैंक ऐसे तय करता है आपको मिलेगा कितना लोन: आपकी मासिक बचत में से बैंक इस बात पर भी गौर करता है कि कहीं आप किसी और लोन के लिए ईएमआई तो नहीं चुका रहे हैं। अगर आप ऐसा करते हैं तो ईएमआई का अमाउंट आपकी बचत में से काट लिया जाता है। यानी आप अगर इतनी ही बचत पर 2400 रुपए की ईएमआई चुका रहे हैं तो आपकी बचत 12,600 रुपए होगी और इसी के आधार पर बैंक आपके लोन की राशि तय करता है।


उदाहरण से समझिए, अगर आपकी मासिक बचत 12,600 रुपए है, तो यह तय हुआ कि आप कम से कम इतनी की ईएमआई दे सकते हैं। अगर मौजूदा बैंक ब्याज दर 10 फीसद हुई तो आप 10 साल के लिए 9.5 लाख रुपए का लोन प्राप्त कर सकते हैं।


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