Friday, November 4, 2016

दस्तावेज़ कह रहे हैं, प्रतीक यादव के पापा मुलायम सिंह यादव नहीं!

सैफई वंश में मचे घमासान के बीच आज मुलायम परिवार को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. खबर आयी है कि प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव के जैविक पिता नहीं हैं. प्रतीक यादव मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं. प्रतीक यादव को लेकर हुए इस नये खुलासे के बाद यदुवंश की कहानी में नया मोड़ आ गया है.
प्रतीक यादव मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं लेकिन मुलायम सिंह के पुत्र नहीं. रिश्तों की इस पेंच को समझने के लिए इस वंशावली पर गौर फरमाइए जो सीबीआई की एक स्टेट्स रिपोर्ट से सामने आयी है|
साधना मुलायम की ज़िंदगी में कब आईं?
साधना गुप्ता मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी हैं. उनकी पहली शादी चंद्र प्रकाश गुप्ता के साथ हुई थी. प्रतीक यादव का जन्म उस समय हुआ जब साधना गुप्ता चंद्र प्रकाश गुप्ता की पत्नी थीं. प्रतीक यादव की पत्नी का नाम अपर्णा सिंह है. मुलायम सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति वाले मामले की जांच के दौरान सीबीआई की स्टेट्स रिपोर्ट में दर्ज है कि साधना गुप्ता और चंद्र प्रकाश गुप्ता की शादी 4 जुलाई 1986 को हई थी. अगले साल 7 जुलाई 1987 को प्रतीक यादव का जन्म हुआ था. उसके बाद साल 1990 में दोनों के बीच औपचारिक तलाक हो गया.

आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई ने मुलायम सिंह के खिलाफ जो स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल की है, उसमें साधना गुप्ता के बारे ये जानकारी दर्ज है. लेकिन ये किसी को नहीं पता कि साधना गुप्ता मुलायम सिंह की जिंदगी में कब और कैसे आईं? अलबत्ता सीबीआई को प्रतीक यादव के एक रिकॉर्ड से पता चला है कि उन्होंने 1994 में अपने घर का पता मुलायम सिंह के आधिकारिक निवास को बताया था.
जब प्रतीक के अभिभावक बने मुलायम
सीबीआई की स्टेट्स रिपोर्ट के मुताबिक साल 2000 में प्रतीक के अभिभावक के तौर पर मुलायम सिंह का नाम दर्ज हुआ है. उसके बाद मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी, जो अखिलेश यादव की मां थीं, के निधन के बाद मुलायम सिंह ने 23 मई 2003 को साधना गुप्ता से शादी करके उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया.
दुनिया को साधना गुप्ता के बारे में आधिकारिक तौर पर साल 2007 में तब खबर लगी जब मुलायम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि साधना गुप्ता उनकी पत्नी हैं. सैफई परिवार में साधना गुप्ता की एंट्री अखिलेश की मां के मौत के बाद हुई. कहा जाता है कि तब शिवपाल यादव और अमर सिंह ने उन्हें उनका पारिवारिक हक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
षड्यंत्र के पीछे की कहानी
अखिलेश समर्थक एमएलसी उदयवीर सिंह का आरोप है कि साधना गुप्ता सार्वजनिक जीवन में सामने तो नहीं आती हैं लेकिन वो पर्दे के पीछे रहकर अपने सौतेले बेटे अखिलेश यादव के खिलाफ षड्यंत्र रचती हैं. साधना गुप्ता पर आरोप ये भी लग रहा है कि वो अपने बेटे प्रतीक यादव को सीएम बनाने के लिए सैफई वंश में महाभारत करा रही हैं. हालांकि खुद प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहकर रियल एस्टेट का कारोबार करते हैं. अलबत्ता उनकी पत्नी अपर्णा सिंह तेजी से राज्य की राजनीति में उभर रही हैं. अपर्णा सिंह इस बार लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार भी हैं.
सैफई परिवार की तरफ से कभी भी रिश्तों के इस पेंच पर कोई बयान नहीं आया लेकिन अखिलेश कई बार ये कह चुके हैं कि वो नेताजी के उत्तराधिकारी हैं. प्रतीक यादव पर हुए इस नये खुलासे के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या अखिलेश यादव रिश्तों के इसी पेंच की वजह से खुद को मुलायम सिंह का स्वाभाविक उत्तराधिकारी बताते हैं?

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