फिर ये EVM-बाजी...!?!
मतलब सवालों से घिर जाओ तो फिर एक पुराना जिन्न निकाल लो...
भाईसाहब 'सौरभ भारद्वाज' जी... आप जो आज दिल्ली विधानसभा में एक खिलौना दिखा के देश की एक सम्मानित संस्था 'चुनाव आयोग' का मजाक उड़ा रहे थे... वो एक बहुत ही गिरी हुई हरकत है... और वैसे न जाने कितने खिलौने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान हर बच्चा... मजे-मजे में बनाया करता है... पर उसे EVM नहीं कहते मित्र...!!
मैं भी थोड़ा इंजीनियरिंग का ज्ञान रखता हूँ... Electronics & Communications (EC) में BTech किया है... और Semiconductor Materials में MTech सन 2006 में किया... IIT Kanpur एक संस्थान है वहां से...
उसके बाद एक सॉफ्टवेयर कम्पनी है TCS... उसमें जॉब की... वो भी उनकी तरफ से CISCO के प्रोजेक्ट में... जो कि विश्व की नं. 1 नेटवर्किंग कम्पनी है।
2010 तक उत्तर भारत के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज, HBTI Kanpur, के EC department में पढ़ाता रहा हूँ।
तो भाईसाहब ऐसा है... आपकी जानकारी के लिए कुछ points दे रहा हूँ:
1) EVM में इस्तेमाल होने वाली chip कोई आपके खिलौने की तरह Programmable नहीं होती है... That's only Read Only Memory (ROM)... जिसमें स्टोर किया डाटा... 10 साल या उससे भी ज्यादा समय तक सुरक्षित रह सकता है।
2) आप जो कोड की बात कर रहे थे वो भी किसी टेक्निकल व्यक्ति के सामने मत करिएगा वरना वो हँसेगा आपके ऊपर... हाँ, ताली के लिए व्हिप जारी करके जरूर वाहवाही बटोरी जा सकती है।
3) चुनाव के दौरान 'नाम वापसी' के दिन तक किसी को भी ये पता नहीं होता है कि किस विधान सभा में कितने प्रत्याशी होंगे, उनका EVM में नाम किस क्रम में होगा... तो वो EVM क्या खाक सेट कराएँगे।
4) किस बूथ पर कौन सी EVM मशीन लगेगी इसका निर्धारण भी एक 'रैंडम अरे प्रोग्राम' के जरिए तय होता है। तो वहां भी ये पता नहीं रहता कि कौन सी EVM कहाँ गई... फिर हर जगह पार्टियों का क्रम बदल जाता है... इसलिए Uniform Coding असम्भव है।
हम समझ सकते हैं कि आप भी ये बारीकियाँ समझते होंगे... पर आप ये सब नाटक... 'आला-कमान' के निर्देशों पर ही कर रहे होंगे... ताकि जनता, एजेंसीज व मीडिया का ध्यान भटकाया जा सके... और AAP के कुछ शीर्ष नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के मुद्दे से बहस को शिफ्ट किया जा सके।
और अल्का लाम्बा जी ये क्या तर्क हुआ कि 2015 में हम 70 में से 67 सीटें जब जीते थे तब विपक्षी इसलिए EVM हैक नहीं किए... क्योंकि तब पूरी दिल्ली में हल्ला था कि हमीं जीतने वाले हैं...
अरे ऐसे तो पार्टी पंजाब चुनाव के पहले भी खूब हल्ला काटे थी कि हमीं जीतने वाले हैं... और वो भी 100 के ऊपर सीट आएँगी... दिल्ली का भी रिकॉर्ड टूटेगा... और भी न जाने क्या-क्या
मेरा अब भी PAC से निवेदन है कि आप जितना सवालों से भागेंगे... फिजूल के नकारात्मक बहाने बनाएंगे... उतना पार्टी को नुकसान होगा।
बड़े दिल से स्वीकार करिए कि, हाँ पार्टी से कुछ राजनैतिक निर्णय लेने में गलतियाँ हुईं हैं... जिसका खामियाजा हमें पंजाब, गोवा व दिल्ली के हाल के चुनावों में भुगतना पड़ा। आगे हम इन गलतियों से सीख लेकर उचित कदम उठाएंगे।
यदि हमारा कोई भी सदस्य, भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त रहा है तो निष्पक्षता के साथ पूरी जाँच प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
और भारतवर्ष की स्थापित संस्थाओं पर ऐसे कुतर्की, भ्रामक व ओछे हमले नहीं करेंगे।
||||जय हिन्द...जय भारत||
-ओमेन्द्र 'भारत'
इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि WWW.Zeenewsportal.blogspot.comया ADMIN उनसे सहमत हो.
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ओमेन्द्र 'भारत' की फेसबुक वाल से साभार

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